Why good people always suffer – Inspiration story 2020 – wisdom info

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why good people always suffer know the reason in Hindi

हमेशा अच्छे लोगों के साथ ही बुरा क्यों होता है ?

जानिए क्या है कारण, क्यों हम अच्छा लोगों को तकलीफो से गुजरना पड़ता है।
नमस्ते, हमे कई बार ऐसा सवाल मन में आता होगा की हम तो बहोत अच्छे इंसान है फिर भी भगवान सारी तकलीफें हमें ही क्यों देता है?
आपने भी बोहोत बार अपने भगवान या अल्लाह से यह शिकायत की होगी हमेशा मेरे साथ ही बुरा क्यों होता है ? आपने भी कभी न कभी मन में अपने आप से यह कहा होगा के हम अच्छे है फिर भी हमारे साथ बुरा क्यों होता रहता है?
तो चलो जानते है इस सवाल का जवाब: why good people always suffer: एक प्रेरणादायी कहानी द्वारा :-
why good people always suffer
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why good people always suffer:

एक श्रीमान थे उनका नाम श्री वागले था।  वे बहुत ही सरल और प्रामाणिक इंसान थे।  हमेशा दूसरोंकी मदत करना, दूसरो के दुःख में उनका साथ देना,  इंसानियत निभाना ऐसे गुण उनमे थे।
श्री वागले जी शिवजी के भक्त थे और रोज सुबह अपने ऑफिस जाने से पहले रस्ते में एक शिव जी का मंदिर था वहा जाकर शिव जी का दर्शन करते और उसके बाद ही अपने काम की शुरुवात करते थे।
वागले जी कोई भी शिव जी के दर्शन करना नहीं चुकाते थे और हमेशा मंदिर में जब कभी वक्त मिलता तो अपने शिव जी से अपनी मन की बातें मन ही मन में करते रहते थे।
एक दिन वागले जी को मंदिर पोहचने में देरी हुई जब वे मंदिर पोहचे तो सीडी पर उनसे एक आदमी भागता हुआ आकर टकराया।  वागलेजी उस इंसान के धक्के से गिर गए और फिर से उठकर मंदिर चले गए।
मंदिर में उन्होंने शिव जी की पूजा शुरू की उस समय वागले जी अकेले मंदिर में थे।  पूजा करते समय वागले जी की नजर मंदिर के दान पेटी पर गयी।  दान पेटी खुली थी और उसका ताला तोडा हुआ था।  वागले जी दान पेटी के पास गए और सोचने लगे।  तभी उन्हें समझ आया के जो इंसान भागते भागते टकराया था वह इस मंदिर में चोरी करके भाग था।
दान पेटी के पास वागले जी इस सोच में डूबे ही थे की उसी समय मंदिर पुजारी आया।  उन्होंने वागले जी को दान पेटी के पास देखा और दान पेटी का ताला टुटा हुआ पाया।  यह सब देखकर तुरंत पुजारी ने चोर चोर कहकर चिल्लाना शुरू किया।  वागले जी उन्हें समझा रहे थे पर पुजारी ने कोई बात नहीं मानी और चिल्लाते रहे।

पुजारी की आवाज सुनकर नजदीकी खड़े लोग जमा हो गए।  सभी वागले जी को चोर ठहरा दिया था।  वागले जी हाथ जोड़कर सभी को समझा रहे थे लेकिन किसीने भी एक न सुनी।  इतना ही नहीं तो माहौल इतना बिघड गया की जमा भीड़ ने वागले जी पर हाथ उठाना शुरू किया।
वागले जी लोगों से बिनती करते रहे उन्हें कहते रहे की वो चोर नहीं है फिर भी किसीने एक न सुनी।  पुजारी और बाकि लोगों  ने मिलके वागले जी को मंदिर से हकाल दिया।  वागले जी रोते रोते मंदिर की सीडी तक आये और शिव जी से कहा, “हे भगवन आपके ही द्वार में मुझे चोर ठहराया गया और आप चुपचाप देखते रहे, मैं आपसे नाराज हूँ भगवन !”

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और दुखी होक वागले जी मंदिर से चल दिए।  वागले जी काम पर नहीं गए क्यों की मन ही मन में वे भगवान को कोस रहे थे।  वे खुद से यह बात कर रहे थे की हमेशा अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है ?
वागले जी शाम में घर पर आये पर उनका मन कई भी नहीं लग रहा था।  अगले दो – चार दिन वागले जी काम पर नहीं गए और ना वे मंदिर गए। वे अपने शिव जी से मन ही मन में नाराज थे।
फिर वागले जी एक सुबह काम पर जाने के लिए तैयार हुए पर उन्होंने मंदिर न जाते अपने घर में ही लगी शिव जी की फोटो को प्रणाम कर के अपने घर से बाहर कदम रखा।
ऑफिस में जाते वक्त रस्ते में फिर से एक आदमी भागते भागते उनसे टकराया।  उसके धक्के से फिर से वागले जी रोड़ पर गिर पड़े।  वागले जी की नजर उस इंसान पर गयी, वो वही   इंसान था जिसने मंदिर में चोरी की थी।
वागले जी  उस चोर के पीछे पीछे भागे लेकिन उस चोर को पकड़ नहीं पाए और रस्ते में भागते भागते फिर से  गिर गए।  वागले जी अब तक बहोत थक चुके थे।  वागले जी के कपडे अब गंदे हो चुके थे।  इस हालत में वो ऑफिस नहीं जा सकते थे।  वागले जी फिर से मन ही मन में अपने आप को कोसने लगे।  अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है ? ऐसा सवाल अपने भगवन शिव जी से करने लगे।
हताश हो कर वागले जी आगे चल ही रहे थे की अचानक एक तेज रफ़्तार से एक कार  आयी और वागले जी उड़ाकर चली गयी।  कार की रफ़्तार बोहोत तेज थी वागले जी  उस कर के धक्के से गिर गए थे।  यह तो अच्छी बात थी वह तेज रफ़्तार कार वागले जी को नजदीकिसे छूकर चली गयी।

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वागले जी हाथ और पैर पर चोटे आयी थी।  रोड पर गिरने की वजह से इस बार उनके कपडे भी फट चुके थे। वागले जी को इस बार बोहोत रोना आया।  वागले जी फुट फुट कर रोने लगे।  अपने नसीब को और अपने आप को बोहोत कोसने लगे।  अपने शिव जी को भी कोसने लगे। वागले जी सोचते रहे की, मै अच्छा इंसान होने के बावजूद मेरे साथ ऐसा बुरा क्यों हो रहा है ? एक जगह मै इतना सीधा साधा सरल इंसान और मुझे चोर ठहराया गया।  और जो चोर था वो पैसे लेके भाग गया।
में अच्छा इंसान होने के बावजूत मुझे आज भी तकलीफे झेलनी पड़ी।  मैं गिर गया और मेरे सामने आज फिर से वह चोर भाग गया। उसके बाद में अपने आप से सवर ही रहा था की मुझे कार ने उड़ा दिया और मुझे हाथ पैर में चोट आयी।  लेकिन मेरी दया मेरे भगवन को न आयी।
वागले जी बोहोत दुःखी हो गए थे।  वे गुस्सा होकर घर आये।  उनकी हालत देखकर उनकी पत्नी भी बोहोत रो पड़ी।  वागले जी गुस्से में आपने घर से शिव जी फोटो उतार दी और अपनी पत्नी से कहा आज के बाद हम शिव जी पूजा नहीं करेंगे।
उस रत वागले जी बोहोत रोये थे।  आँखे भरी हो गई थी और रोते रोते वागले जी सो गए।  अचानक उनके सपने में शिव जी प्रगट हुए।  शिव जी देखकर वागले जी खुश भी हुए थे और दुखी भी।  शिव जी ने कहा, “तुमने अपने मन में जो कुछ कहा और कोसा वह सब मैंने सुना।  तुमने अपने नसीब को कोसना शुरू किया और अपने आप को बुरा कहने लगा यह भी मैंने सुना।  तुम अच्छे इंसान से बुरे इंसान होने के बारे में सोच रहे थे यह भी मैंने जाना इसलिए मुझे तुम्हारे सपने में आना पड़ा। “
वागले जी ने पूछा मुझे यह बताइए की हमेशा अच्छे इंसान के साथ बुरा क्यों होता है ?
शिव जी बोले “ऐसा नहीं है।  बस इंसान को आगे की घटना पता नहीं होती इसलिए वह ऐसा कहता है। ” शिव जी बोले, “भक्त जिस दिन मंदिर में चोरी हुई थी उस दिन तुम देरी से मंदिर आये थे।  तुम्हे देरी से मंदिर आना यह मेरा मकसद था क्यों की उस चोर के हाथ में हथियार थे और अगर उस वक्त तुम वहा होते तो तुम्हारे जान को खतरा होता इसलिए तुम्हे देरी हुई। “
वागले जी ने पूछा, फिर दूसरी बार जब मुझे कार ने उड़ाया तब क्या था ? मेरी साथ तभी भी तुमने नहीं दी। “
शिव जी बोले,”ऐसा नहीं है, सच तो यह है की नियति के अनुसार उस दिन उस कार से तुम्हारी मौत होने वाली थी और तुम मरने वाले थे लेकिन तुम्हे चोट लगी लेकिन तुम्हारी मौत नहीं हुई। “
वागले जी यह सुनकर थक्क हो गए। शिव जी कहा, “मानव को अपने कर्मो नुसार ही उसका फल मिलता रहता है।  तुम अच्छे इंसान हो इसलिए तुम्हारी जान मंदिर में भी बच गयी  और तुम्हारी मौत उस कर से होने वाली थी लेकिन तुम्हारी अच्छे सरल स्वभाव से और अच्छे व्यवहार से तुम्हारी जान बच गयी। “
वागले जी ने पूछा, “फिर उस चोर का क्या ? वह तो बुरा काम कर रहा है और वो भी खुश है “
शिव जी बोले, “नहीं ! ऐसा नहीं है।  वह चोर जो है वो अपने कर्मो के वजह से चोर है। उसके नसीब मै बोहोत पैसा है और ऐशो आराम की जिंदगी है, लेकिन उसके बुरे कर्मों के वजह से वह चोरी करने लगा है और उसके बुरे कर्मों के वजह से वह हमेशा यहाँ वहाँ भागता फिरता है।  अगर वो अच्छा इंसान होता तो उसके पास बोहोत पैसा और ऐशो आराम होता लेकिन उसके बुरे कर्म उसे यह मिलने नहीं देती और वो गुन्हेगार की जिंदगी जी रहा है और वो भी खुश नहीं है.”

why good people always suffer:

शिव जी आगे कहा, ” जो इंसान अच्छा होता है उसके साथ जब भी कुछ बुरा होता है तो इसका यह मतलब नहीं है की उसे ज्यादा तकलीफ हो रही है, जब की सच यह है की, उसके अच्छे कर्मोंके वजह से उसका होने वाला बड़ा नुकसान को छोटे करनेमे उसका भाग उसकी मदत करता है। “
वागले जी को उसके प्रश्न का उत्तर मिल गया और वह समझ गया की मेरा बड़ा नुकसान होने वाला था जो मेरे अच्छे कर्मोंके वजह से काम हो गया।
मुझे पूरी आशा है की, आपके भी प्रश्न का उतर आपको मिल गया होगा।
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You must know it. Bad things happen to good people

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